पाण्डुलिपि संरक्षण

सनातन ज्ञान जिनमें संरक्षित हैं, ऐसी जाने कितनी ही पाण्डुलिपियाँ अभी भी अप्रकाशित हैं तथा संरक्षण के अभाव में क्षरित हो रही हैं। ऐसी पाण्डुलिपियों को ढूँढ़ कर उनके अङ्कीकरण (digitisation) एवं रासायनिक संरक्षण का प्रकल्प भी जारी है। इच्छुक व्यक्ति जिनके पास ऐसी पाण्डुलिपियाँ हैं, संस्था से सम्पर्क कर सकते हैं।

वेदपाठ

वेद सनातन मूल हैं। आश्विन कृष्ण द्वितीया 2074 वि. से अंतर्जाल के माध्यम से ऋग्वैदिक परम्परा के आचार्य जी ने संहिता के कुछ चुने हुये सूक्तों का पाठ सिखाना आरम्भ किया। नवम मण्डल के प्रथम पाँच सूक्तों के साथ सीखने की यह यात्रा बढ़ रही है। प्रतिपदा तथा अष्टमी तिथियों को छोड़ कर यह कक्षा…